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पावस
Friday, 14 May 2010
तुम और मैं
तुम वट-वृक्ष ..मैं लता
तुम पवन मैं पताका
तुम सूर्य मैं रोशनी
तुम चाँद में चांदनी
तुम दीपक मैं बाती
तुम राह मैं साथी
तुम बीज मैं खलिहान
तुम शंका मैं समाधान ॥
2 comments:
शोभना चौरे
said...
ममता जी
बहुत सुन्दर उपमाओ से अलंकृत है आपकी ये रचना |
बधाई
18 May 2010 at 4:57 am
Ankita Billore
said...
mami awesomely written :)
5 November 2012 at 11:57 pm
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Mamta Sharma
माँ का आशीर्वाद , बेटी की प्रेरणा ने यह ब्लॉग बनाने का मन बनाया| कभी बेटी ने पकड़ी थी मेरी अंगुली, आज वो हाथ पकड़ का नयी दुनिया दिखा रही है|
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2 comments:
ममता जी
बहुत सुन्दर उपमाओ से अलंकृत है आपकी ये रचना |
बधाई
mami awesomely written :)
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