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पावस
Wednesday, 8 October 2008
सरलमना
एक विचार
अपने आदर्श किसी पर थोपना बड़ा ही सरल
पर आदर्शो को मानना बड़ा कठिन
अपने आदर्श अपने जीते जी धराशाई होते है
इसलिए सहज बने रहो मेरे दोस्त
क्योंकि भगवान सहज हें सरलमना को सुलभ है
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Mamta Sharma
माँ का आशीर्वाद , बेटी की प्रेरणा ने यह ब्लॉग बनाने का मन बनाया| कभी बेटी ने पकड़ी थी मेरी अंगुली, आज वो हाथ पकड़ का नयी दुनिया दिखा रही है|
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