Wednesday, 8 October 2008

लोकगीत < विवाह में गाए जाने वाला एक मालवी - गणेश >


< विवाह में गाए जाने वाला एक मालवी - गणेश >
म्हारा घर रुकमनी जी रो ब्याव, गजानन आवे काज सरेगा
म्हारा घर रुकमनी जी रो ब्याव, गजानन आवे काज सरेगा|

शीश तमारो देवा , मोटेरो कहिये
तेल सिन्दूर चडेगा , गजानन आवे काज सरेगा|

आंख तमारी देवा, छोटेरी कहिये
झबलक दिव्लो बलेगा, गजानन आवे काज सरेगा|

सोंड तमारी देवा , मोटेरी कहिये
वासुगनाग रमेगा,गजानन आवे काज सरेगा|

दांत तमारा देवा,मोटेरा कहिये
सुवागन चुडलो पेरेगा,गजानन आवे काज सरेगा|

दोंद तमारी देवा, मोटेरी कहिये
सवा मन मोदक चडेगा,गजानन आवे काज सरेगा|

पांय तमारा देवा,मोटेरा कहिये
केलारा खंब नमेगा,गजानन आवे काज सरेगा|

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